उन दुखों का चिटठा जो रहन हैं मेरे माजी के पास और उन सुखों की किताबत जो मेरे वजूद से पैदा हुए हैं
Sunday, May 20, 2012
एक लंबी चुप्पी के बाद !
एक लंबी चुप्पी के बाद ...
कितना अच्छा लगता है बोलना
जैसे दोपहर भर उमस के बाद शाम की बारिश ,
या लंबी सर्द रात के बाद गुनगुनी धूप
कभी महसूस करना
किसी के न होने के बाद
उसके होने का अहसास ......
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